बाजार में बही लोग दुल्हन ले कर पहुँचते है जो आर्थिक रूप से कमजोर होते है। बाजार के नियमो के मुताबिक यंहा कोई भी लड़की अकेले नहीं आ सकते है उसके साथ उसको बेचने के लिए किसी न किसी परिवार के सदस्य का होना जरूरी होता है। गरीबी के कारण इस समुदाय के लोगो को इस तरह के बाजार का आयोजन करना पड़ता है लेकिन सरकार किसी भी तरह से इन लोगो की आर्थिक मदद करने के लिए तैयार नहीं है। बरना आज के युग मैं इस तरह से लड़कियों की खरीद फरोख्त पर तुरंत रोक और कड़ी कार्यबाही होनी चाइये।
किसी भी इंसान को कोई हक़ नहीं है की बह किसी और इंसान को इस तरह सरेआम बाजार में नीलाम करे। बन्हा और जिन देशो में इस तरह का कार्य होता है ,बन्हा की सरकार को एक सख्त कानून इस चीज पर बनाना चाइये और उनके परिबार के भरण पोसण का भी उचित प्रबंध करना चाइये जिससे बह काम कर सके और अपने परिबार को आर्थिक मदद भी। लोगो को लड़कियों के जीवन को अनमोल बनाना चाइये और उनकी इज्जत हमेशा करनी चाइये।

नोट – पॉलिटिक्स डीएनए इस तरह के किसी भी कार्य की सराहना नहीं करता है। लोगो से निवेदन करता है की लड़कियों को अपने समाज में उच्चित इज्जत और मान सम्मान दे। उनकी इज्जत करना और उन्हें पढ़ा लिखा कर आगे बढ़ने को प्रेरित करे दुनिया और समाज के लिए लड़कियों को आगे बढ़ा कर एक नई सोच की शुरुआत करे।
किसी भी इंसान को कोई हक़ नहीं है की बह किसी और इंसान को इस तरह सरेआम बाजार में नीलाम करे। बन्हा और जिन देशो में इस तरह का कार्य होता है ,बन्हा की सरकार को एक सख्त कानून इस चीज पर बनाना चाइये और उनके परिबार के भरण पोसण का भी उचित प्रबंध करना चाइये जिससे बह काम कर सके और अपने परिबार को आर्थिक मदद भी। लोगो को लड़कियों के जीवन को अनमोल बनाना चाइये और उनकी इज्जत हमेशा करनी चाइये।
नोट – पॉलिटिक्स डीएनए इस तरह के किसी भी कार्य की सराहना नहीं करता है। लोगो से निवेदन करता है की लड़कियों को अपने समाज में उच्चित इज्जत और मान सम्मान दे। उनकी इज्जत करना और उन्हें पढ़ा लिखा कर आगे बढ़ने को प्रेरित करे दुनिया और समाज के लिए लड़कियों को आगे बढ़ा कर एक नई सोच की शुरुआत करे।
इस जगह लगती है दुल्हनों की मंडी, मात्र दस रूपये देकर मिलती है मनपसंद बीवी
Reviewed by Realpost today
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January 29, 2020
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