राजस्थान के सीकर जिले के पाटन थाना इलाके के मोठूका गांव के लोगों ने सामाजिक ताने-बाने को मजबूत बनाने वाली मिसाल पेश की है। यहां बिन मां-बाप की एक बेटी का पूरा गांव परिवार बन गया और धूमधाम से उसकी शादी कर रहा है। दुल्हन रोशनी सैन को मां-बाप की कमी नहीं खलने दी जा रही है। गांव का हर कोई शख्स अपनी सगी बेटी की तरह उसकी शादी की तैयारियों में जुटा है।
सात साल पहले पिता की मौत
दरअसल, रोशनी के पिता की सात साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। फिर मां ने मेहनत मजदूरी कर उसे पाला और पढ़ाया, लेकिन फरवरी 2019 में एक सड़क हादसे ने रोशनी की मां को भी छीन लिया। अपने माता-पिता की इकलौत संतान रोशनी अनाथ हो गई और उसकी जिंदगी अंधकारमय हो गई।
12 दिसम्बर को है रोशनी की शादी
मां की मौत के बाद परिवार में कोई नहीं बचा तो ग्रामीण रिश्ते में दूर के चाचा कमल सैन उसको गांव मोठूका लेकर आए। यहां रोशनी की पढ़ाई को अनवरत जारी रखा। रोशनी फिलहाल एमए फाइनल कर रही है। झुंझुनूं जिले के गांव मदनसर में रोशनी की सगाई की और 12 दिसम्बर 2019 को शादी तय की।
उत्साह से निभा रहे हर रस्म
बिन मां बाप के बेटी का पूरा गांव बन गया परिवार, ग्रामीण सगी बेटी की तरह कर रहे हैं ये काम...
Reviewed by Realpost today
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December 17, 2019
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