पाकिस्तान पर कहर बरपाने वाले यशस्वी जायसवाल ने खर्च कर दिए थे 13000 रुपये, कोच ने छीन लिया हेलमेट और..

यशस्वी जायसवाल ने पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में बेहतरीन शतक लगाया. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. यशस्वी जायसवाल... ये नाम लंबे समय से भारतीय घरेलू क्रिकेट में गूंज रहा था. ये नाम अब पूरी दुनिया में गूंज रहा है. उत्तर प्रदेश के भदोही के 18 साल के इस बल्लेबाज ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया को छक्का लगाकर जीत तो दिलाई ही, साथ ही टीम को फाइनल में भी पहुंचाया. इतना ही नहीं, यशस्वी ने मौजूदा टूर्नामेंट के पांच मैचों में ही 312 रन बना लिए हैं. इसमें तीन अर्धशतक के साथ चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लगाया गया शानदार शतक भी शामिल है. वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में यशस्वी शीर्ष पर कायम हैं और वो भी 156 के चमत्कारिक औसत से. मगर इस कामयाबी के पीछे जितना संघर्ष यशस्वी का है, उतनी ही मेहनत उनके कोच ज्वाला सिंह की भी है.

सबसे ज्यादा रन बनाए तो तोहफे में यशस्वी को कार देंगे कोच
ईएसपीएनक्रिकइंफो से बातचीत में ज्वाला सिंह ने यशस्वी को लेकर कई दिलचस्प बातें बताईं. उन्होंने कहा कि अंडर19 वर्ल्ड कप खेलने से पहले मैंने यशस्वी से वादा लिया था कि वो टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बनेंगे. मैंने उनसे कहा था कि अगर वो ऐसा करेंगे तो मैं उन्हें तोहफे में कार दूंगा. तब यशस्वी ने कहा था कि मुझे अपनी पुरानी कार दे देना, और आप अपने लिए नई कार ले लेना. जब यशस्वी पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में गेंदबाजों पर कहर बरपा रहे थे तब उनके कोच ज्वाला सिंह स्टेडियम में बैठकर उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहे थे. खास बात ये है कि जायसवाल को इस बारे में पता नहीं था कि उनके कोच स्टेडियम में बैठकर ये मैच देख रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्वाला सिंह ने उन्हें नहीं बताया था कि वो टूर्नामेंट देखने साउथ अफ्रीका पहुंचेंगे. मगर जैसे ही भारत-पाकिस्तान मुकाबला होना तय हुआ, वो खुद को रोक नहीं सके. पोचेफ्स्ट्रूम पहुंचकर भी वो जायसवाल से दूर ही रहे ताकि उनका ध्यान न भटक सके.

2013 में पिता ने सौंप दी थी यशस्वी की जिम्मेदारी
ज्वाला सिंह बताते हैं कि यशस्वी के पिता साल 2013 में उन्हें लेकर मेरे पास आए थे. अंडर-19 वर्ल्ड कप से पहले यशस्वी की पहचान एक बेहद ही आक्रामक बल्लेबाज की थी. वह वनडे क्रिकेट में दो दोहरे शतक लगा चुके हैं. मगर वर्ल्ड कप में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 79.72 की स्ट्राइक रेट से 59 रन बनाए, जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ 74.02 की स्ट्राइक रेट से 57 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 62 रन बनाने के लिए उनकी स्ट्राइक रेट 75.60 रही. ज्वाला ने बताया, 'मुंबई की टीम में कई सीनियर खिलाड़ी हैं, जिससे उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने को मिल जाता है, लेकिन यहां वे जानते हैं कि टीम के लिए कितने अहम हैं. इसीलिए उन्होंने अपनी बल्लेबाजी में बदलाव किया.'

यशस्वी जायसवाल ने पांच मैचों में 312 रन बना लिए हैं. (फाइल फोटो)
अलमारी के ऊपर रख दिया हेलमेट
एक दिलचस्प वाकये का जिक्र करते हुए ज्वाला सिंह ने बताया कि यशस्वी जायसवाल को एक स्थानीय टूर्नामेंट में प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड मिला था. इसके लिए उन्हें 10 हजार रुपये का वाउचर दिया गया था. उन्होंने मुझसे कहा कि वह एक क्रिकेट हेलमेट खरीदना चाहते हैं. मैंने उन्हें इसकी अनुमति दे दी. जब वह वापस आए तो उन्होंने कहा, मैंने तीन हजार रुपये अतिरिक्त खर्च कर दिए हैं क्या आप मुझे वो पैसे दे सकते हैं? वो पहला मौका था जब मैंने यशस्वी पर गुस्सा किया. मैंने उनसे हेलमेट छीन लिया और कहा, एक हेलमेट के लिए 13000 रुपये खर्च कर दिए? ये बकवास है. अब तुम इस हेलमेट को तभी पहनोगे जब इसके काबिल बन जाओगे. मैंने वो हेलमेट अलमारी के ऊपर रख दिया ताकि वह रोज उसे देख सकें. जब यशस्वी ने रणजी में डेब्यू किया तब मैंने उन्हें वो हेलमेट दिया. उसी दिन मुझे अहसास हो गया कि आप यशस्वी को जो भी लक्ष्य देंगे वो उसे हासिल कर लेंगे.

यशस्वी को क्रिकेटर बनने के लिए निजी जीवन में बहुत संघर्ष का सामना करना पड़ा. (फाइल फोटो)
यशस्वी की जर्सी पर कोच ज्वाला सिंह की जन्मतिथि
ज्वाला सिंह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से ताल्लुक रखते हैं. जब उनसे पूछा गया कि अब जबकि यशस्वी जायसवाल बेहद कामयाब हो गए हैं. उनके पास आईपीएल अनुबंध भी है तो क्या उन्होंने कभी कोई तोहफा दिया है. ज्वाला सिंह ने मुस्कुराकर कहा, 'आपने उनका जर्सी नंबर देखा है? दरअसल, वो मेरी जन्मतिथि है. इससे ज्यादा मैं उनसे और क्या ही मांग सकता हूं.' ज्वाला सिंह 2015 से 2018 के बीच पृथ्वी शॉ के कोच भी रह चुके हैं. ज्वाला सिंह ने साथ ही कहा, 'मेरी बेटी के जन्म से पहले यशस्वी ही मेरे बेटे जैसा था. अब वह मेरी बेटी का बड़ा भाई बन चुका है. यहां तक कि मेरी बेटी उसके लिए लकी रही है. जिस दिन 6 दिसंबर 2017 को उसका जन्म हुआ, यशस्वी ने मुंबई की अंडर-19 टीम के लिए दोहरा शतक लगाया.'
पाकिस्तान पर कहर बरपाने वाले यशस्वी जायसवाल ने खर्च कर दिए थे 13000 रुपये, कोच ने छीन लिया हेलमेट और..
Reviewed by Realpost today
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February 07, 2020
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