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आपने अभी तक सुना होगा कि खिलाड़ी ज्यादा खेल की वजह से मानसिक तनाव में आ जाते है परेशान हो जाते हैं। लेकिन भारत के तेज गेंदबाज उमेश यादव कम खेलने की वजह तनाव में है परेशान हैं। अपने कैरियर को लेकर चिंतित है भारत छोड़ने का मन बना रहे हैं। जी हां आप सही पढ़ रहे हैं, टेस्ट क्रिकेट में उमेश भारत के तेज गेंदबाजों में भारत की खतरनाक चौकड़ी का हिस्सा हैं, लेकिन लंबे वक्त से उमेश को सफेद गेंद से खेलने का मौका नहीं मिल रहा है जिसकी वजह से उनके पास बहुत वक्त बच जाता है और अब उमेश चयनकर्ताओं से ये साफ पूछना चाहते हैं कि उनका गेम टाइम कैसे बड़ सकता है। उमेश ने कहा - कार्यभार प्रबंधन ऐसा संतुलन है जो आपके लगातार मैच खेलने पर किया जाता है। लेकिन मेरे मामले में यह उलट है, मैंने पिछले दो वर्षों में काफी कम खेला है इसलिए मेरे ऊपर ऐसा कार्यभार नहीं है।
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हाल ही विदर्भ के लिए रणजी ट्रॉफी मैच खेलने के लिए नई दिल्ली आए हुए उमेश के 45 टेस्ट में 142 विकेट हैं और उनका मानना है कि उनकी उम्र में उन्हें ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने की जरूरत है ताकि वो लय में रह सके। उमेश ने कहा - मैं 31 साल का हूं और मेरे लिए अगले चार से पांच साल काफी अहम हैं। अगर आप मेरे रेकॉर्ड को देखो तो मैंने पिछले साल (2019) चार टेस्ट खेले और इससे पिछले साल (2018) भी चार टेस्ट खेले थे। सफेद गेंद से मैंने पिछले साल सिर्फ एक ही मैच खेला था। इस उम्र में, मैं जितना गेंदबाजी करूंगा, उतना बेहतर बनूंगा। इसलिए मैं पांच प्रथम श्रेणी मैच खेल रहा हूं ताकि कुछ ज्यादा गेंदबाजी कर सकूं।
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यहां पर आपको बता दें कि उमेश ने 2019 में चार टेस्ट में 23 विकेट चटकाए हैं, वहीं नागपुर के इस गेंदबाज के वनडे में 75 मैच में 106 विकेट हैं। उमेश ने कहा - जिस साल टीम टी20 विश्व कप की तैयारी कर रही है उस साल उनके पास केवल न्यूजीलैंड दौरें के बाद सिर्फ आईपीएल होगा और फिर कोई क्रिकेट नहीं हैं। उमेश का मानना हैं कि उन्हें सफेद गेंद से खेलने का मौका नहीं मिला तो उनके पास खेलने के लिए कुछ नहीं होगा, इससे उनकी लय खत्म हो जाएगी। इसको लेकर उमेश का मानना है कि अगर ऐसा ही रहा तो वो काउंटी क्रिकेट खेलने चले जाएंगे। उमेश ने कहा कि मुझे सत्र में ग्लूस्टरशर से काउंटी क्रिकेट खेलने की पेशकश मिली थी। वे मुझे 7 मैच में खिलाना चाहते थे, लेकिन BCCI की कार्यभार प्रबंधन नीति मुझे दो या तीन से ज्यादा मैच खेलने की अनुमति नहीं देती, इसलिए ये कारगर नहीं हो सका। तो अब उमेश चयनकर्ताओं से ये पूछना चाहते हैं क्या उन्हें अब सफेद गेंद से खेलने का मौका मिलेगा, अगर नहीं मिलेगा तो उमेश की बयान से ये साफ है कि वो काउंटी खेलने चले जाएंगे। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि उमेश को टीम में लिया जाए तो किस खिलाड़ी की जगह पर बुमराह टीम से बाहर हो नहीं सकते, शामी की रफ्तार से सभी टीमें परेशान हैं, दीपक चाहर खुद को सफेद गेंद से साबित कर चुके हैं, नवदीप सैनी लगातार कमाल कर रहे हैं और शार्दूल ने भी कई मौकों पर शानदार प्रदर्शन किया है, तो अब उमेश किस गेंदबाज की जगह टीम में आएंगे।
आपको क्या लगता है उमेश को टी20 वर्ल्ड कप में लेना चाहिए या नहीं, हमें कॉमेंट करके जरूर बताएं।
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टीम इंडिया के इस घातक गेंदबाज ने चयनकर्ताओं को दी धमकी, मुझे खिलाओ वर्ना देश छोड़ दूंगा
Reviewed by Realpost today
on
February 07, 2020
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