सुनते हैं बच्चे भगवान का रूप होते हैं। शायद यही कारण हैं कि प्रत्येक कोई अपने घर में इस भगवान रूपी नए अतिथि के आने का इंतज़ार करता हैं। जब किसी घर में बच्चा पैदा होता हैं तो उस घर में खुशियों का माहोल होता हैं। प्रत्येक कोई चाहता हैं कि उसका बच्चा अपनी पुश्तैनी जमीन पर ही जन्म ले और परिवार का नाम रोशन करे।
किन्तु आपको जान हैरानी होगी कि भारत देश में एक गाँव ऐसा भी हैं जहाँ पिछले 50 वर्षो में एक भी बच्चा पैदा नहीं हुआ हैं। संका जागीर नाम का यह गाँव मध्य प्रदेश के भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर राजगढ़ के पास स्थित हैं। इस गाँव की विशेषता ये हैं कि कोई भी माँ अपने बेटे को इस गाँव की सीमा के अन्दर पैदा करना पसंद नहीं करती हैं।
ये हैं गाँव में बच्चा पैदा ना होने की कारण
दरअसल इस गाँव के लोगो का मानना हैं कि गाँव एक मनहूस जगह हैं। यहाँ जो भी बच्चा जन्म लेता हैं या तो उसकी मौत जल्द ही हो जाती हैं या फिर वो विकलांग पैदा होता है। कहीं हमारा बच्चा भी मरा हुआ या विकलांग पैदा ना हो जाए इस भय से यहाँ के गाँव वाले बच्चे के जन्म से पहले माँ को गाँव से बाहर भेज देते हैं। इतना ही नहीं गाँव वालों ने एमरजेंसी में बच्चा डिलीवर करने के लिए गाँव की सीमा के ठीक बाहर एक कमरा भी बनवा रखा हैं। जब भी किसी स्त्री को लेबर पेन होता हैं तो इसे इस कमरे में लाकर बच्चे की डिलीवर की जाती हैं।
इस मान्यता के चलते भी नहीं होता हैं गाँव में बच्चों का जन्म
गाँव में एक और मान्यता प्रचलित हैं। ऐसा कहा जाता हैं कि इस गाँव में आज से बहुत सौ वर्ष पहले श्याम जी का मंदिर हुआ करता था। इस मंदिर की पवित्रता पर कहीं कोई आंच ना आ जाए इसीलिए उस वक़्त में बुजुर्ग स्त्रियों ने गाँव के बाहर डिलीवरी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद ये रिति रिवाज पीड़ी दर पीड़ी चलती चली गई और अब गाँव वाले यहाँ बच्चा पैदा करना अशुभ मानते हैं।
किन्तु आपको जान हैरानी होगी कि भारत देश में एक गाँव ऐसा भी हैं जहाँ पिछले 50 वर्षो में एक भी बच्चा पैदा नहीं हुआ हैं। संका जागीर नाम का यह गाँव मध्य प्रदेश के भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर राजगढ़ के पास स्थित हैं। इस गाँव की विशेषता ये हैं कि कोई भी माँ अपने बेटे को इस गाँव की सीमा के अन्दर पैदा करना पसंद नहीं करती हैं।
ये हैं गाँव में बच्चा पैदा ना होने की कारण
दरअसल इस गाँव के लोगो का मानना हैं कि गाँव एक मनहूस जगह हैं। यहाँ जो भी बच्चा जन्म लेता हैं या तो उसकी मौत जल्द ही हो जाती हैं या फिर वो विकलांग पैदा होता है। कहीं हमारा बच्चा भी मरा हुआ या विकलांग पैदा ना हो जाए इस भय से यहाँ के गाँव वाले बच्चे के जन्म से पहले माँ को गाँव से बाहर भेज देते हैं। इतना ही नहीं गाँव वालों ने एमरजेंसी में बच्चा डिलीवर करने के लिए गाँव की सीमा के ठीक बाहर एक कमरा भी बनवा रखा हैं। जब भी किसी स्त्री को लेबर पेन होता हैं तो इसे इस कमरे में लाकर बच्चे की डिलीवर की जाती हैं।
इस मान्यता के चलते भी नहीं होता हैं गाँव में बच्चों का जन्म
गाँव में एक और मान्यता प्रचलित हैं। ऐसा कहा जाता हैं कि इस गाँव में आज से बहुत सौ वर्ष पहले श्याम जी का मंदिर हुआ करता था। इस मंदिर की पवित्रता पर कहीं कोई आंच ना आ जाए इसीलिए उस वक़्त में बुजुर्ग स्त्रियों ने गाँव के बाहर डिलीवरी करने का निर्णय लिया था। इसके बाद ये रिति रिवाज पीड़ी दर पीड़ी चलती चली गई और अब गाँव वाले यहाँ बच्चा पैदा करना अशुभ मानते हैं।
50 वर्षो से इस गांव में एक भी बच्चा नहीं हुआ पैदा, कारण जान आपके होश उड़ जाएंगे..!
Reviewed by Realpost today
on
February 04, 2020
Rating:
Reviewed by Realpost today
on
February 04, 2020
Rating:


