
नई दिल्ली. कोरोना वायरस संक्रमण Coronavirus Lockdown) को रोकने के लिए जारी लॉकडाउन में आम लोगों को राहत देने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है. इसी कड़ी में केंद्र सरकार (Government of India) ईएसआई योजना (ESIC Scheme) का दायरा बढ़ाने की तैयारी में है. CNBC आवाज़ को सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कम सैलरी वाले ज़्यादा से ज़्यादा कर्मचारियों को मेडिकल और कैश बेनिफिट देने लिए सरकार ESIC के तहत कवरेज की सीमा बढ़ा सकती है. श्रम मंत्रालय ने कवरेज के लिए कर्मचारियों की मौजूदा सैलरी सीमा में बढोतरी का प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को दिया है.
30 हजार रुपये तक की सैलरी वालों को मिलेगा बड़ा फायदा- सूत्रों के मुताबिक, कर्मचारियों के कवरेज के लिए सैलरी की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है. श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है. इस प्रस्ताव के तहत सैलरी सीमा 21000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये का प्रस्ताव किया गया है.
जिन कर्मचारिया की ग्रॉस सैलरी 30,000 रुपये है उन कर्मचारियों को ESI कवरेज का फायदा मिलेगा. ESIC स्कीम में बीमार पड़ने पर सैलरी प्रोटेक्शन भी दिया जाएगा.
स्कीम का दायरा बढ़ाने से कंपनियों पर बोझ कम होगा. साथ ही लॉकडाउन में ज़रूरी मेडिकल कवर का बोझ कम होगा. अभी करीब 12.50 लाख कंपनियों को फायदा मिल रहा है.

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आपको बता दें कि ईएसआई योजना का लाभ उन कर्मचारियों को मिलता है, जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपये से कम हो और जो कम से कम 10 कर्मचारियों वाली कंपनी में काम करते हों. इससे पहले साल 2016 तक मासिक आय की सीमा 15 हजार रुपये थी, जिसे 1 जनवरी, 2017 से बढ़ाकर 21 हजार रुपये किया गया था.
लॉकडाउन में केंद्र सरकार की ओर से की गई 5 बड़ी घोषणाएं
(1) मिलती रहेंगी सभी सुविधाएं- ESIC ने ऐलान किया है कि लॉकडाउन के चलते जो भी कंपनियां कर्मचाारियों का वार्षिक एकमुश्त अंशदान जमा नहीं कर पायी हैं उसके बावजूद कर्मचारियों की मेडिकल सुविधाएं नहीं रोकी जाएंगी.
(2) एक्सपायर कार्ड का कर सकते हैं इस्तेमाल- कर्मचारी अपने मेडिकल कार्ड, जिसके जरिए उन्हें मेडिकल सेवाएं मिलती हैं वो एक्सपायर हो गया है तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है. वो अपने पुराने कार्ड पर ही सभी सेवाएं पा सकते है. ESIC ने कर्मचाारियों का वार्षिक एकमुश्त अंशदान जमा न होने के बावजूद 30 जून 2020 तक कर्मचारियों को सभी मेडिकल सेवाएं उपलब्ध कराने का ऐलान किया है.
(3) प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स से ली जा सकती हैं दवाएं- ESIC ने कर्मचारियों या अन्य लाभार्थियों को लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने की भी सुविधा प्रदान की है. कर्मचारी प्राइवेट दुकानों से दवा खरीदने के बाद में ESIC से खर्च किए गए पैसे को क्लेम कर सकेंगे. ऐसे में जिन कर्मचारियों की नियमित दवाएं चलती हैं और लॉकडाउन में वो अस्पताल नहीं जा पा रहे उन्हें काफी राहत मिलेगी.
(4) अन्य अस्तापतालों में हो सकता है इलाज-जिन ESIC अस्पतालों को COVID-19 अस्पताल में बदल दिया है वहां इलाज कराने जाने वाले कर्मचारियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है. नियमित तौर पर इन अस्पताल में इलाज कराने वाले कर्मचारियों को मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ESIC ने कई अस्पतालों से समझौता किया है. इन अस्पतालों में भी कर्मचारियों को आसानी से इलाज मिल सकेगा.
(5) कंपनियों को मिली बड़ी राहत- कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने कंपनियों को राहत देते हुए फरवरी और मार्च महीने का अंशदान जमा करने के लिए समय सीमा को 15 मई 2020 तक के लिए बढ़ा दिया गया है. देशभर में किए गए लॉकडाउन को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है.कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) की सोशल सिक्योरिटी स्कीम (Social security scheme) से फरवरी में 11.56 लाख नए मेंबर्स जुड़े हैं. इससे पहले जनवरी में ईएसआईसी में 12.19 लाख नए मेंबर रजिस्टर्ड हुए थे.
Reviewed by Realpost today
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May 06, 2020
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